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शनिवार, 9 अप्रैल 2011

अन्ना हजारे

अन्ना हजारे और लोकपाल बिल 

• अन्ना हजारे कौन हैं?

सेवा-निवृत्त सैनिक जिन्होंने 1965 के युद्ध में हिस्सा लिया था। समाज सुधारक।
• तो इनमें क्या खास बात है?
इन्होंने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के रालेगांव सिद्धि नामक गांव की काया पलट दी।
• तो क्या हुआ?
यह स्व-पोषित गांव के रूप में एक मॉडल है। यहाँ के सोलर पावर, बायोफ़्यूल तथा विंड मिल में गांव की जरूरत जितनी बिजली पैदा कर ली जाती है। 1975 में यह गांव बेहद गरीब था। आज यह देश के सर्वाधिक समृद्ध गांवों में से एक है। यह स्व-पोषित (सेल्फ सस्टेन्ड), पर्यावरण-प्रेमी तथा भाईचारा युक्त मॉडल गांव बन चुका है।
• ठीक है?
अन्ना हजारे को उनके सामाजिक कार्यों के लिए पद्म भूषण की उपाधि से नवाजा गया है।
• अच्छा तो वो किस लिए आंदोलन कर रहे हैं?
भारत में भ्रष्टाचार रोकने हेतु नया प्रभावी कानून पास करवाने के लिए।
• यह कैसे संभव है?
वे नए लोकपाल बिल की वकालत कर रहे हैं। यह बिल राजनीतिज्ञों (मंत्रियों), अफसरों (आईएएस/आईपीएस) इत्यादि को उनके भ्रष्ट कार्यों की सज़ा दिलाने में सक्षम होग।
• क्या ये एकदम नई चीज है?
1972 में तत्कालीन कानून मंत्री शांति भूषण ने यह बिल प्रस्तावित किया था। तब से राजनीतिज्ञ इसे दबाए बैठे हुए हैं और इसमें मनमाना संशोधन कर अपने अनुकूल बनाने में लगे हुए हैं।

• ओह.. तो वो सिर्फ एक बिल पास करवाने के लिए अनशन पर बैठे हैं. क्या ये इतने कम समय में संभव हो पाएगा?
पहली चीज जो वो चाह रहे हैं वो है कि सरकार घोषणा करे कि यह बिल जल्द पास होगा। उन्होंने महाराष्ट्र में सूचना का कानून ऐसे ही आंदोलन से लागू करवाया जिसे बाद में पूरे भारत में आरटीआई कानून के रूप में लागू किया गया। दूसरा, बिल के मसौदे के लिए सरकार एक कमेटी बनाए जिसमें जनता के प्रतिनिधि और सरकारी प्रतिनिधि बराबर हों। सरकारी अफसरों और राजनीतिज्ञों द्वारा बनाए गए बिल में अपने बचने के रास्ते और लूप होल्स निकाल ही लिए जाएंगे।
• बढ़िया. क्या होगा जब यह बिल पास हो जाएगा?लोकपाल की नियुक्ति केंद्र सरकार करेगी। वह इलेक्शन कमिश्नर की तरह ऑटोनोमस कार्य करेगा, किसी सरकारी संस्था के अधीन नहीं। हर राज्य में लोकपाल होगा. उसका काम सिर्फ यही होगा कि भ्रष्टाचार की रोकथाम करे और भ्रष्ट लोगों को 1-2 वर्ष के भीतर ट्रायल कर सजाएँ दे।
• अन्ना हजारे के साथ और कौन हैं?
भारत की पूरी जनता. बाबा रामदेव, किरण बेदी, अरविंद केजरीवाल, स्वामी अग्निवेश, आमिर खान...
• ठीक है, तो मैं क्या कर सकता हूँ?
इस संदेश को आगे भेजें. छापें, वीडियो में दें। अपने शहर में हो रहे इस आंदोलन के समर्थन में सभा, जुलूस में जाएँ. फेसबुक, जीमेल स्टेटस में इस आंदोलन को अपना समर्थन दर्ज करें। 
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